Jan 27, 2026

उत्तराखंड निर्माण में भूमिका के लिए कोश्यारी को पद्म भूषण सम्मान

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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को वर्ष 2026 के लिए पद्यम भूषण सम्मान से सम्मानित करने की घोषणा भारत सरकार ने की है। यह घोषणा गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर की गई। सार्वजनिक जीवन में उनके दीर्घकालीन योगदान को देखते हुए उन्हें यह प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान प्रदान किया जाएगा। भगत सिंह कोश्यारी को पद्यम भूषण से सम्मानित किया जाएगा। पद्यम भूषण भारत का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। शिक्षा, राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव और सेवाओं के लिए उन्हें यह सम्मान दिए जाने की घोषणा की गई है। पद्यम भूषण की घोषणा के बाद कपकोट क्षेत्र से लेकर उनके पैतृक गांव नामती चेटाबगड़ में हर्ष का माहौल है। गांव निवासी नारायण सिंह कोश्यारी ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को यह सम्मान मिलने से एक बार फिर गांव गौरवान्वित हुआ है। उन्होंने कहा कि भगतदा को अपनी माटी से गहरा लगाव है और वह आज भी गांव में समय बिताते हैं।विधायक सुरेश गढ़िया,दर्जा राज्य मंत्री भूपेश उपाध्याय,शिव सिंह बिष्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों ने खुशी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है। भगत सिंह कोश्यारी का जन्म 17 जून 1942, नामती चेताबागड़, बागेश्वर में हुआ। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता महाराष्ट्र के राज्यपाल रह चुके हैं। वह गोवा के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल चुके हैं। छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे कोश्यारी 1961 में अल्मोड़ा कॉलेज के छात्रसंघ महासचिव चुने गए। 1975 में आपातकाल का विरोध करने पर उन्हें करीब पौने दो वर्ष जेल में रहना पड़ा, जिससे उन्हें राष्ट्रीय पहचान मिली। उन्होंने अल्मोड़ा से प्रारंभिक शिक्षा और आगरा विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में अध्ययन किया। आरएसएस से जुड़े कोश्यारी उत्तराखंड भाजपा के पहले प्रदेश अध्यक्ष तथा भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भी रहे। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद वे कैबिनेट मंत्री बने और 30 अक्टूबर 2001 से 1 मार्च 2002 तक प्रदेश के दूसरे मुख्यमंत्री रहे। 2002 से 2007 तक विधानसभा में नेता विपक्ष, 2007 से 2009 तक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रहे। 2008 से 2014 तक राज्यसभा तथा 2014 में नैनीताल से लोकसभा सांसद चुने गए। लंबे संगठनात्मक अनुभव के चलते उन्हें महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री व महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी जी को पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित किए जाने की घोषणा पर हर्ष व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगत सिंह कोश्यारी जी को पद्म भूषण सम्मान प्रदान किए जाने की घोषणा समस्त उत्तराखण्डवासियों के लिए अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का विषय है। यह सम्मान उनके संपूर्ण सार्वजनिक जीवन, राष्ट्रसेवा और समाजहित के प्रति समर्पण का यथोचित सम्मान है। उन्होंने कहा कि कोश्यारी जी का संपूर्ण सार्वजनिक जीवन सादगी, सिद्धांतनिष्ठा, अनुशासन और राष्ट्रसेवा को समर्पित रहा है। अपने दीर्घ राजनीतिक जीवन में उन्होंने सदैव जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और उत्तराखण्ड सहित देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री कोश्यारी जी का जीवन संघर्ष, मूल्यों की राजनीति और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायी उदाहरण है। पर्वतीय क्षेत्रों के विकास, सामाजिक समरसता के सुदृढ़ीकरण और सांस्कृतिक चेतना के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए गए उनके प्रयास हम सभी के लिए प्रेरणास्तंभ हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि कोश्यारी जी ने अपने कार्यों और विचारों से न केवल उत्तराखण्ड, बल्कि पूरे देश को दिशा देने का कार्य किया है। उनका अनुभव, दूरदृष्टि और राष्ट्रभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।मुख्यमंत्री ने समस्त प्रदेशवासियों की ओर से श्री भगत सिंह कोश्यारी जी को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चयनित होने पर हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं दीं तथा उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अजय भट्ट ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पद्यम भूषण सम्मान दिए जाने की घोषणा पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान भगत सिंह कोश्यारी के लंबे सार्वजनिक जीवन, निस्वार्थ राष्ट्र सेवा और समाजहित के प्रति उनके समर्पण का सबसे सटीक मूल्यांकन है। सांसद ने इस घोषणा को समस्त उत्तराखंडवासियों के लिए अत्यंत गौरवशाली क्षण बताया। अजय भट्ट ने अपने वक्तव्य में कहा कि भगत सिंह कोश्यारी का पूरा जीवन सादगी,अनुशासन और राजनीति का एक उत्कृष्ट उदाहरण रहा है। उन्होंने अपने विस्तृत राजनीतिक सफर में हमेशा जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता दी और उत्तराखंड के साथ-साथ देश के विकास में भी अपना अहम योगदान सुनिश्चित किया। भट्ट ने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार द्वारा दी गई यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत रूप से कोश्यारी का सम्मान है, बल्कि यह पूरी उत्तराखंड की देवतुल्य जनता का सम्मान है। उन्होंने इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए केंद्र सरकार का आभार भी जताया।