May 06, 2026

देहरादून में हिमाद्रि आइस रिंक के एक वर्ष का सफल सफर, सीएम धामी ने उत्तराखंड आइस हॉकी टीम को सराहा

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देहरादून। उत्तराखंड अब केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि शीतकालीन खेलों की वैश्विक राजधानी के रूप में भी उभर रहा है। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 'हिमाद्रि' आइस रिंक के सफल एक वर्ष पूरे होने पर प्रदेशवासियों और खिलाड़ियों को बधाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड आइस हॉकी टीम की नई जर्सी का अनावरण किया और खेल सुविधाओं को आम जनता तक पहुँचाने के लिए ‘पे एंड प्ले’ पोर्टल का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि "हिमाद्रि" देश की एकमात्र ऐसी आइस रिंक है जो अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करती है। उन्होंने इसके इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि साल 2011 में यहाँ 'साउथ एशियन विंटर गेम्स' जैसे प्रतिष्ठित आयोजन हुए थे, लेकिन पिछली सरकारों के समय रखरखाव के अभाव में यह रिंक बंद हो गई थी। सीएम धामी ने कहा, "हमारी सरकार ने खिलाड़ियों के दर्द को समझा और इसे पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया। आज यह परिसर केवल एक खेल का मैदान नहीं, बल्कि उत्तराखंड के गौरव का प्रतीक है।

राज्य सरकार ने लगभग 8.5 करोड़ रुपये की लागत से इस आइस रिंक का व्यापक जीर्णोद्धार किया है। खास बात यह है कि इसके संचालन को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए यहाँ 1 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया गया है। यह कदम न केवल ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को दर्शाता है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरित ऊर्जा के विजन को भी आगे बढ़ाता है। अब यह रिंक पूरी तरह सोलर ऊर्जा से संचालित हो रही है, जिससे बिजली की भारी बचत हो रही है। पिछले एक साल के भीतर हिमाद्रि आइस रिंक ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाई है। यहाँ नेशनल आइस स्केटिंग चैंपियनशिप, एशियन ट्रॉफी और राष्ट्रीय आइस हॉकी लीग जैसे बड़े टूर्नामेंट सफलतापूर्वक आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारतीय महिला और बालक वर्ग की राष्ट्रीय टीमों के प्रशिक्षण शिविर भी यहाँ आयोजित हुए हैं। वर्तमान में विभिन्न राज्यों के खिलाड़ी यहाँ स्केटिंग और आइस हॉकी की बारीकियां सीख रहे हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड अब शीतकालीन खेलों में देश का नेतृत्व कर रहा है। खिलाड़ियों को बड़ा तोहफा देते हुए मुख्यमंत्री ने ‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ का जिक्र किया। इस योजना के तहत प्रदेश के 8 प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। हर साल 920 विश्वस्तरीय एथलीटों और 1000 अन्य खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय कोचिंग दी जाएगी। हल्द्वानी में राज्य का पहला खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। सीएम धामी द्वारा लॉन्च किया गया ‘पे एंड प्ले’ पोर्टल खेल जगत में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। अब प्रदेश का कोई भी सामान्य नागरिक या उभरता हुआ खिलाड़ी मामूली शुल्क देकर इन विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं का लाभ उठा सकेगा। इससे खेल संसाधनों पर केवल विशिष्ट लोगों का अधिकार नहीं रहेगा, बल्कि हर प्रतिभावान युवा को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भारत शीतकालीन खेलों में एक महाशक्ति के रूप में उभरेगा और इसमें उत्तराखंड के खिलाड़ियों का सबसे बड़ा योगदान होगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सुविधाओं का पूरा लाभ उठाएं और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तिरंगा लहराने का लक्ष्य रखें।